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HAPPINESS RETURNED ON THE FACES OF THE CHILDREN

Sasaram ।  Scottish Central School Campus । 16 August 2021


The opening of the city's excellent school of "Scottish Central School", saw the excitement and delight of the students. The students said that they used to miss school a lot. The students are very happy with the decision taken by the government to open the school. All of them also believe that good internet technology knowledge was found in online classes. Guidance of teachers continued to be received through online studies. And now you will also get the benefit of the association of the teachers of the school.


Teachers and students were waiting for several days for the school to open. The decision of the government is in favor of education. Studying sitting at home was proving to be fruitful as the continuous study sequence of the students continued uninterruptedly. Corona is under control in the state, so the decision to open the school has been taken at the right time. With this, children will go to school and get education. With the opening of the school, there will be holistic development of the children physically, mentally, intellectually and spiritually. Through online education, the natural playfulness of the children was kept engaged in creative work by connecting it with the activities of reading-learning activities. Various thematic text-materials were being sent to the mobiles of the children through online classes and language training was also conducted from time to time.

Sunil Kumar Singh, the director of the school, gave permission to start studies without a mask anywhere else, strictly following the prohibition and covid protocol.

 

 

Sudarshan Kriya was done by the school management to increase concentration, self-confidence and to increase their learning ability and intellectual development power so that they can be more cultured and take interest in their studies and learn social values ​​more closely. Manager Engineer Kumar Vikas said that the practice of breathing techniques showed improvement in six main areas of children's health – depression, stress, mental health, mindfulness, positive affect and social connectedness. Such training programs to overcome difficult situations have proved to be an important tool in addressing the mental health crisis of students on Scottish campuses.

Due to this pandemic, when it comes to mental health, uncertainties about the future, rising protests and global tensions have made the situation worse and a particular age group is vulnerable.

This Scottish campus happiness program showed great improvement. The program was based on a breathing technique. This includes breathing meditation, yoga asanas, social engagement and service work, and emotional intelligence strategies.
Teacher Acharya Satyanand Shastri, who gave shape to this program, said that "Along with academic skills, we also need to teach students how to lead a balanced life. Due to the global pandemic in the last few days, the mental health of the students has become unbalanced."


Sudarshan Kriya is a powerful rhythmic breathing technique, which will be taught from time to time by conducting special classes, which will remove stress and negativity at the cellular level. This technique will help improve sleep cycles, improve the secretion of happy and feel-good hormones, such as oxytocin, reduce the secretion of stress hormones, such as cortisol, increase alertness, and reduce clinical depression symptoms. .

 

स्कूल खुलने से बच्चों के चेहरे पर लौटी खुशी

सासाराम । स्कॉटिश सेंट्रल स्कूल कैंपस


शहर के उत्कृष्ट विद्यालय स्कॉटिश सेंट्रल स्कूल के खुलने से छात्रों में उत्सुकता और प्रसन्नता देखी गई। छात्रों ने कहा कि वो स्कूल को बहुत मिस करते थे। स्कूल को खोलने का सरकार ने जो फैसला किया है उससे छात्रों में बहुत खुशी हो रही है। उनसभी का यह भी मानना है कि ऑनलाइन क्लास में अच्छा इन्टरनेट के टेक्नोलॉजी का ज्ञान मिला। ऑनलाइन पढ़ाई से शिक्षकों का मार्गदर्शन यथावत मिलता रहा। और अब स्कूल के शिक्षकों के सानिध्य का भी लाभ मिलेगा। 
स्कूल के खुलने का शिक्षक और छात्र कई दिनों से इंतज़ार कर रहे थे। सरकार का जो फैसला है वह शिक्षा के पक्ष में है। घर बैठ कर पढ़ाई करना छात्र-छात्राओं का सतत अध्ययन क्रम अनवरत चलता रहा इसलिए फलदायक साबित हो रहा था। कोरोना प्रदेश में नियंत्रण में है इसलिए स्कूल खोलने का फैसला सही समय पर लिया गया है। इससे बच्चे स्कूल में जाकर शिक्षा ग्रहण करेगें। स्कूल खुलने से बच्चों का शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक व अध्यात्मिक रूप से समग्र विकास होगा। ऑनलाइन शिक्षा से बच्चों की स्वाभाविक चंचलता को पठन-पाठन के क्रियाकलाप की गतिविधियों से जोड़कर रचनात्मक कार्यों में संलग्न रखा गया। ऑनलाइन कक्षाओं से बच्चों के मोबाइल पर विभिन्न प्रकार की विषयगत पाठ्य-सामग्री प्रेषित की जाती रही तथा समय-समय पर भाषा प्रशिक्षण भी कराया गया।

                
उक्त बातें विद्यालय के निदेशक सुनील कुमार सिंह ने कहीं व बिना मास्क के प्रवेश निषेध तथा कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करते हुए पढ़ाई शुरू करने का अनुमति दिया।

 

 

विद्यालय प्रबंधन द्वारा एकाग्रता, आत्मविश्वास में वृद्धि  तथा उनकी सीखने की क्षमता एवं बौद्धिक विकास की शक्ति बढ़ाने के लिए सुदर्शन क्रिया कराया गया ताकि वे अधिक संस्कारित होकर अपने अध्ययन में रूचि ले सकें तथा सामाजिक मूल्यों को और अधिक बारीकी से सीखें। प्रबंधक इंजीनियर कुमार विकास ने बताया कि श्वसन तकनीक का अभ्यास से बच्चों के स्वास्थ्य के छः मुख्य क्षेत्रों- अवसाद, तनाव, मानसिक स्वास्थ्य, सचेतन अवस्था, सकारात्मक प्रभाव और सामाजिक जुड़ाव में सुधार देखा गया।
कठिन परिस्थितियों से उबरने के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम स्कॉटिश कैंपस में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर आए संकट को दूर करने में एक महत्वपूर्ण उपकरण साबित हुए हैं।

इस महामारी के चलते, जब मानसिक स्वास्थ्य की बात आती है, तो भविष्य को लेकर अनिश्चितताओं, बढ़ते विरोध और वैश्विक तनाव के कारण स्थिति और भी खराब हुई है और एक विशेष आयु समूह इसकी चपेट में आया है।

स्कॉटिश कैंपस के इस हैप्पीनेस प्रोग्राम ने बहुत अच्छे सुधार को दर्शाया।यह प्रोग्राम एक श्वसन तकनीक पर आधारित था। इसमें श्वसन ध्यान, योगासन, सामाजिक जुड़ाव और सेवा कार्य एवं भावनात्मक बुद्धिमत्ता रणनीति शामिल है।
इस कार्यक्रम को मूर्त रूप देने वाले शिक्षक आचार्य सत्यानन्द शास्त्री ने कहा कि "शैक्षणिक कुशलताओं के साथ - साथ हमें विद्यार्थियों को यह भी सिखाने की आवश्यकता है कि एक संतुलित जीवन किस प्रकार से जिया जाए। पिछले कुछ दिनों में वैश्विक महामारी के कारण विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य असंतुलित हुआ है।"

सुदर्शन क्रिया एक शक्तिशाली लयबद्ध श्वसन तकनीक है, जो समय समय पर विशेष कक्षाओं का संचालन करके सिखाई जायेगी, जो जीवकोषीय स्तर पर तनाव और नकारात्मकता को दूर करेगी। यह तकनीक नींद के चक्र को सुधारने, हैप्पी और फील गुड हार्मोन्स, जैसे- ऑक्सीटोसिन के स्राव को सुधारने, तनाव उत्पन्न करने वाले हार्मोन्स, जैसे- कॉर्टिसोल के स्राव को कम करने, सजगता को बढ़ाने और चिकित्सीय अवसाद लक्षणों को कम करने में मदद करेगी।